107. Surah Al Maun In Hindi | सूरह माऊन तर्जुमा के साथ

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अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू: दोस्तों हम इस पोस्ट में पड़ने वाले है सूरह माऊन (Surah Al Maun In Hindi) के बारे मे, जैसे की मुझे पता है, आप लोग ज्यादातर गूगल पे इस तरह सर्च करते है – 

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तो मैं आज आपके लिए इसकी पूरी जानकारी लाया हूँ, और अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जिससे अगर आपके दोस्त को भी Surah Al Maun In Hindi के बारे मे नहीं पता तो,

उसे भी इसका इल्म होगा इससे आपको भी सवाब मिलेगा और साथ हि मुझे भी। और अगर आपको हमारा काम अच्छा लगता है तो हमें Subscribe भी जरूर कर लेँ जिससे आपको Notification मिलती रहें…

Surah Al Maun In Hindi | सूरह माऊन हिन्दी मे

Surah Al Maun In Hindi जिसे Araital Lazi Surah भी कहते है और यह सूरह मदीना में नाज़ील हुई है। इस सूरह मे मुनाफीकों की मुनाफीकींन और काफ़िरों कि काफीरियत के बारे में बताया गया है जो इंशा अल्लाह मैं आपको आगे बताऊँगा।

सूरह का नाम कुल अयातेंसूरह नंबर
सूरह माऊन (Surah al maun)7107
– Surah Maun In Hindi –
107. Surah Al Maun In Hindi | सूरह माऊन तर्जुमा के साथ

Note: किसी भी दुआ को पढ़ने से पहले अऊज़ुबिल्लाही मिनाश सैतानिर्रजिम बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़े उसके बाद ही दुआ पढ़े।

दोस्तों सूरह माऊन हिन्दी मे इस तरह है –

  1. अरा-अईतल लजी यु कज्जीबू बिद्दीन,
  2. फजालि कल लजी यदु-उल यतीम,
  3. वला या हुद्दु अला ता-अमिल मिसकीन,
  4. फा वई लुललिल मु सल्लीन,
  5. अल लजीना हुम-अन सलातिहीम सहून,
  6. अल लजीना हुम युरा-उन,
  7. व यम ना ऊल-मा-ऊन।

दोस्तों अगर आपको छः कलमा (Six Kalma In Hindi) पढ़ना है हिन्दी तर्जुमा के साथ तो आप यहा से पढ़ सकते है नीचे पोस्ट कि लिंक दी हुई है ।

Pahla Kalmaलिंक
Doosra Kalmaलिंक
Teesra Kalmaलिंक
Chautha Kalmaलिंक
Panchwa Kalmaलिंक
Chatha Kalmaलिंक
6 Kalma in Hindi & English

Surah Al Maun In English | सूरह माऊन इंग्लिश मे

Note: किसी भी दुआ को पढ़ने से पहले अऊज़ुबिल्लाही मिनाश सैतानिर्रजिम बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़े उसके बाद ही दुआ पढ़े।

107. Surah Al Maun In Hindi | सूरह माऊन तर्जुमा के साथ
– Surah Al Maun In English | सूरह माऊन इंग्लिश मे –

दोस्तों सूरह माऊन एंग्लिश मे इस तरह है –

  • Araital lazi yu kazzibu biddeen
  • fazalikal lazi yadu ull yateem
  • vala yauzzu ala ta’ AA mil misskeen
  • favaylull lill mussallin
  • Allazeena hum aan salatihim sahoon
  • Allazeena hum yuraaa ooon
  • Wayam naa oonal maaa’ oon

Surah Al Maun In Arabic | सूरह माऊन अरबी में

Note: किसी भी दुआ को पढ़ने से पहले अऊज़ुबिल्लाही मिनाश सैतानिर्रजिम बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़े उसके बाद ही दुआ पढ़े।

107. Surah Al Maun In Hindi | सूरह माऊन तर्जुमा के साथ
– Surah Al Maun In Arabic | सूरह माऊन अरबी में –

दोस्तों सूरह माऊन अरबी मे इस तरह है –

(1) أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ

(2) فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ

(3) وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ

(4) فَوَيْلٌ لِّلْمُصَلِّينَ

(5) ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ

(6) ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ

(7) وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ

सूरह माऊन हिन्दी तर्जुमा | Surah Al Maun In Hindi Translation

1. अरा-अईतल लजी यु कज्जीबू बिद्दीन,

के नबी ﷺ सलल्लाहो अलैहि वसल्लम क्या आपने उसे देखा है जो क़यामत के दिन को झुठलाता है।  (The Day of Judgment)

2. फजालि कल लजी यदु-उल यतीम,

यही वह शक्स है, जो यतीम को धक्का देता है। ( इस्लाम मे कहा है कि यतीमों को खाना खिलाओ और उनके सर पर प्यार से हाथ फेरों )

3. वला या हुद्दु अला ता-अमिल मिसकीन,

और गरीब और मिसकीनों को खाना नहीं खिलाता।

4. फा वई लुललिल मु सल्लीन,

लानत हो उन नमाज़ियों पर ( जो दिखावा करने के लिए नमाज़ पढ़ते है)।

5. अल लजीना हुम-अन सलातिहीम सहून,

जो शक्स नमाज़ों को भुला चुके हैं और अपनी नमाज़ों में गफलत करते हैं।

6. अल लजीना हुम युरा-उन,

जो मुनाफीक सिर्फ दिखावे के लिए नमाज़ पढ़ते है।

7. व यम ना ऊल-मा-ऊन।,

सूरह माऊन इंग्लिश ट्रांस्लेट | Meaning of Surah Maun in English

1. Araital lazi yu kazzibu biddeen

Nabi-e-Akram, sallallaho ‘alaihi wa alaihi wa sallam, Have you seen the one who denies the ˹final˺ Judgment?

2. fazalikal lazi yadu ull yateem

That is the one who repulses the orphan,

3. vala yauzzu ala ta’ AA mil misskeen

and does not encourage the feeding of the poor

4. favaylull lill mussallin

So woe to those ˹hypocrites˺ who pray

5. Allazeena hum aan salatihim sahoon

yet are unmindful of their prayers

6. Allazeena hum yuraaa ooon

those who ˹only˺ show off,

7. Wayam naa oonal maaa’ oon


 They refuse to help others with small things like salt or water, let alone.


Dr. Mustafa Khattab, the Clear Quran

तो दोस्तों ये थी Surah Al Maun In Hindi जिसमें अल्लाह तआला ने फरमाया है उन इंसानों के बारे मे जो आखरत के रोज को झुठलाते हैं (मतलब कयामत के दिन को) क़यामत के दिन को नहीं मानते।

Surah Al Maun के बारे मे

दोस्तों सूरह माऊन में अल्लाह ने फरमाया है इंसानों के वो गलत कामों के बारे मे जिसे दीन (इस्लाम) में ग़लत माना गया है।

1. क़यामत को न मानना – दोस्तों यहा पर उन काफ़िरों और मुनाफीकों कि बात कि जा रही है, जो क़यामत के दिन को नहीं मानते और उस दिन होने वाले हिसाब किताब को भी नहीं मानते।

2. यतीमों से बुरा बर्ताव करना – दोस्तों हम सबको यतीमों से अच्छे बर्ताव रखने चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि कोई यतीम भूखा न सोये क्यूकि अल्लाह का ये फरमान है, लेकिन कुछ लोग एस नहीं करते है लेकिन ये चीज आज से नहीं है ये पहले से चली आरही है, लोग यतीमों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया करते थे न हि उनकि इज्जत किया करते थे।

3. गरीबों को खाना न खिलाना – दोस्तों जो लोग गरीब हैं जिनके पास खाने को नहीं है उन्हे खाना खिलाना चाहिए और उनकि मदद करनी चाहिए लेकिन आजकल लोगऐसा नहीं करते ऐसा करने से कतराते है जबकि अल्लाह ने उन्हे मालों दौलत दी हुई है फिर भी वो गरीबों को खाना नहीं खिलाते और न हि उनकि मदद करते है दोस्तों ये अल्लाह को पसंद नहीं है।

4. नमाज़ों में गफलत करना। – दोस्तों आपने देखा होगा कि बहुत से हमारे मुस्लिम भाई बहन है जो नमाज़ से कोसों दूर उन्हे जरा भी एहसास नहीं है कि वो लोग मुस्लिम होके भी नमाज़ नहीं पड़ते है और पढ़ अगर पढ़ते है तो सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए जबकि उनके इसपे गौर करना चाहिए कि नमाज़ कितनी खास और जरूर है।

5. दिखावा करना – दोस्तों यहा पर उस दिखावा कि बात हो रही है जो आजके कुछ भाई बन्दु करते है जैसे कि वो लोग नमाज़ पढ़ते है तो दिखावे के लिए किसी गरीब कि मदद करते है तो वो दिखावे के लिए, दीन का काम करते है तो दिखावे के लिए यहा तक कि हज करने जाते है तो सिर्फ लोगों को दिखाने के लिए, मेरे भाइयों और बहनों हमे ऐसा नहीं करना चाहिए क्यूकि हम सबको अल्लाह को जवाब देना पड़ेगा और फिर उस वक्त ये दिखावा काम नहीं आएगा।

यह भी पड़ें –

सूरह माऊन कि फजीलत | Surah Al Maun Ki Fazilat

  • हमारे प्यारे इमाम मुहम्मद बकीर (रदी अल्लाहु ताला अन्हु) कहते हैं, “जो अपनी फर्ज और नफील नमाजों मे इस सूरह को पढ़ता है, अल्लाह उसकी नमाजों को और रोज़ों को कुबूल फरमाते है और उसके किए गए गुनाहों को अल्लाह इस दुनिया मे नहीं गिनते।
  • इस सूरह को पड़ने वाले गुनाह माफ हो जाते हैं और फ़जर कि नमाज के बाद 100 बार पढ़ी जाए तो अगले दिन के फ़जर तक वो महफूज रहेगा।
  • हमारे प्यारे इमाम जाफ़र अस-सादिक (रदी अल्लाहु तल्ला अन्हु) ने कहा कि अगर कोई शक्स इसे हर रोज 41 बार सूरह माऊन को पड़ेगा, तो वह और उसका परिवार अपने दुनियाबी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने से बचे रहेंगे।
  • इसकी सबसे बड़ी फज़ीलत ये है कि जो शख्स सूरह माऊन को पढ़ेगा उसकी नमाज़ में उसको बुरे ख़यालात नहीं आएंगे और नमाज़ पढ़ने कि तौफीक मिलेगी।

Conclusion

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की अब आपको सूरह माऊन (Surah Al Maun In Hindi) के बारे मे और सूरह माऊन (Surah Al Maun In Hindi) का तर्जुमा और इसकी पूरी जानकारी मिल गई होगी अगर आपको कुछ पूछना है तो हमे कमेन्ट करके या फिर हमारे सोशल मीडिया अकाउंट मे मैसेज करके पूछ सकते है, और इस पोस्ट को जरूर शेयर करे इससे हमे बहुत खुशी होगी,

और हमारी वेबसाईट Deengyaan.in पर आते रहे, इंशा अल्लाह इसी तरह की इनफार्मेशन मै आप तक पहुचता रहूँगा, अल्लाह हमारे और आपके गुनाहों को माफ फरमाए और हमे इस्लाम कि हर चोटी से बड़ी छीजे सीखने की हिदायत फरमाए, अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू। FACEBOOKTWITTERINSTAGRAM

FAQs (सवाल जवाब)

Q. What does surah Al Maun mean? | सूरह अल मौन का क्या अर्थ है?

Ans. यह कुरान कि 107 नंबर सूरह है जिसे 7 आयतें है इसमे अल्लाह ने उन खाफीरो और मुनाफीको के बारे मे बताया है जो यतीम कि मदद नहीं करते है और दिखावे कि ज़िंदगी जीते है और कायमत के दिन को नहीं मानते है।

Q. How many surah are there in Quran? | कुरान में कितने सूरह हैं?

Ans. क़ुरआन में कुल 114 सूरह है।

Q. Who wrote the Quran? | कुरान किसने लिखी ?

Ans. Hazrat Abu Bakr ( हज़रत अबू बकर)।

Q. Which is the shortest surah? | सबसे छोटा सूरा कौन सा है?

Ans. Al-Kawthar ( सूरह कौसर ) यह कुरान कि 108 वी सूरह है इसमे सिर्फ 3 आयते है। जो इस तरह है – إِنَّآ أَعْطَيْنَـٰكَ ٱلْكَوْثَرَ فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ٣

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Deengyaan.in में आपका खुशामदीद है, मेरा नाम है Anwaar Aslam और मै इस ब्लॉग का Founder और Writer हूँ। पिछले 3 वर्षों से मैं इस वेबसाइट के जरिए इस्लामी जानकारी Share कर रहा हूं। मेरा मकसद है सरल और आसान तरीके से इस्लाम की Knowledge को सब तक पहुंचाना है।

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