Taraweeh ki Namaz ka Tarika | तरावीह की नमाज का तरीका

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अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू: दोस्तों हम इस पोस्ट में पड़ने वाले है तरावीह की नमाज का तरीका (Taraweeh ki Namaz ka Tarika) के बारे मे, जैसे की मुझे पता है, आप लोग ज्यादातर गूगल पे इस तरह सर्च करते है –

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तो मैं आज आपके लिए इसकी पूरी जानकारी लाया हूँ, और अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जिससे अगर आपके दोस्त को भी Taraweeh ki Namaz ka Tarika के बारे मे नहीं पता तो,

उसे भी इसका इल्म होगा इससे आपको भी सवाब मिलेगा और साथ हि मुझे भी। और अगर आपको हमारा काम अच्छा लगता है तो हमें Subscribe भी जरूर कर लेँ जिससे आपको Notification मिलती रहें…

Taraweeh ki Namaz ka Tarika | तरावीह की नमाज का तरीका

सबसे पहले हम तरावी की नमाज़ से जुड़ी कुछ जरूरी बाते जान लेते है जैसे कि –

Taraweeh Ki Namaz Kya Hai? | तरावीह की नमाज क्या है?

Taraweeh ki Namaz ka Tarika | तरावीह की नमाज का तरीका
– Taraweeh Ki Namaz Kya Hai? | तरावीह की नमाज क्या है? –

दोस्तों सबसे पहले जान लेते है की तरावी की नमाज़ है क्या है इसके बारे मे जान लेते है? तो आपको बता दूँ की ये नमाज़ रमजान मे ईशा की नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली नमाज़ है जिसमे कुरान के 1 पारा से लेके 30 पारा तक पढ़ा जाता है,

और ये नमाज़ सुन्नत ए मुअक्कदा है, और तरावीह शब्द का मतलब आराम और ठहरना है। दोस्तों अब जानते है की तरावी की नमाज़ कैसे पढ़ते है तो सबसे पहले तो जब आप ईशा की नमाज़ पढ़ ले तो फिर इसके कुछ देर बाद ही तरावी की नमाज़ का वक्त हो जाता है।

Taraweeh Ki Namaz Ki Rakat | तरावीह की नमाज कितने रकात है

Taraweeh ki Namaz ka Tarika | तरावीह की नमाज का तरीका
– तरावीह की नमाज की रकात कितनी होती है –
नमाज का नामकुल रकात
Taraweeh ki Namaz (तरावीह की नमाज)कुल रकात 20 होती है, और ये नमाज सुन्नत ए मुअक्कदा है।
– Taraweeh ki Namaz ka Tarika | तरावीह की नमाज का तरीका –

तरावीह की नमाज़ 20 रकात की होती है जिसे 2 – 2 रकात करके पढ़ा जाता है, लेकिन कई मुफ़ससीरीन का कहना है की 8 रकात होती है तो कई कहते है की 12 रकात होती है लेकिन आमतौर पर आपने देखा होगा की ज्यादातर

मस्जिद मे 20 रकात की नमाज होती है, तो आप 20 रकात भी पड़ेंगे तो ये सही है, इमाम साहब 2 – 2 रकात करके 20 रकात नमाज़ पढ़ाएंगे और हर 4 रकात नमाज़ के बाद जरा देर के लिए रुका जाता है और इस दौरान तरावी की दुआ / तरावी की तसबी पढ़ी जाती है।

Taraweeh Ki Namaz Ki Niyat | तरावीह की नमाज़ की नियत का तरीका

दोस्तों तरावीह की नमाज़ की नियत आप बिल्कुल उसी तरह करेंगे जैसे आप और नमाजों की नियत करते है, जैसे आप जोहर की नमाज़ की नियत करते है उसी तरह आपको तरावीह की नमाज़ की नियत करनी है, नियत को आप इरादा भी केह सकते है जैसे कि आप किसी चीज को करने का इरादा करते है,

तरावी की नियत इस तरह करेंगे “नियत की मैंने 2 रकात नमाज़ तरावीह सुन्नत ए मुअक्कदा वास्ते अल्लाह ताअला के पीछे इस इमाम के मुँह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।” ये कहते हुए अपने हाथों को कानों तक उठा कर बाढ़ लीजिए।

Taraweeh ki Namaz ka Tarika | तरावीह की नमाज़ का तरीका

Taraweeh ki Namaz ka Tarika | तरावीह की नमाज का तरीका

दोस्तों सबसे ईशा की नमाज़ होगी फिर जब फर्ज नमाज़ नमाज हो जाएगी फिर इसके बाद आप ईशा की 2 रकात सुन्नत और 2 रकात नफ़िल नमाज़ पढ़ेंगे फिर इसके बाद शुरू होगी तरावी की नमाज़,

  • तो फिर आपको सबसे पहले तरावीह की नमाज की नियत करनी है जो इस तरह है, “नियत की मैंने 2 रकात नमाज़ तरावीह सुन्नत ए मुअक्कदा वास्ते अल्लाह ताअला के पीछे इस इमाम के मुँह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।” ये कहते हुए अपने हाथों को कानों तक उठा कर बाढ़ लीजिए, 
  • फिर इसके बाद आपको सना पढ़ना है – “सुब हान कल-लाहुम्मा व बिहमदिका व-त बारकस्मुका व-त आला जददुका वला इलाहा गेंरुक”। 
  • ये पढ़ने के बाद आप अऊज़ुबिल्लाही मिनाश सैतानिर्रजिम बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ेंगे फिर शांत हो जाएंगे और
  • इमाम साहब कुरान की आयतों को पढ़ेंगे तो आपको सुनना है फिर वो अल्लाहु अकबर कहेंगे तो आपको रुको मे जाना है 
  • और रुकु की तसबीह पढ़नी है जो इस तरह है – “सुबहाना रब्बिल रब्बीयल अज़ीम” इसको 3 बार या फिर इससे ज्यादा भी आप पढ़ सकते है, 
  • फिर ये पढ़ने के बाद इमाम साहब समी अल्लाहु लिमन हमीदह कहेंगे तो आप रब्बाना वा लकल-हम्द कहते हुए आप एकदम सीधे खड़े हो जाएंगे,
  • सीधे खड़े होने के बाद आपको सीधे सजदे में जाना है, 
  • और फिर सजदे की तसबीह पढ़नी है – “सुबहाना रब्बिल अला” इसको 3 बार या फिर इससे ज्यादा भी आप पढ़ सकते है, 
  • आपको कुल 2 सजदे करने है (एक सजदा करने के बाद बैठने को जलसा भी कहते है) 
  • दोनों सजदे करने के बाद आपको फिर दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाना है और फिर उसी तरह जिस तरह पहली रकात पढ़ी बिल्कुल उसी तरह दूसरी भी पढ़नी है
  • बस इसमे आपको सजदे करने के बाद खड़े नहीं होना है और बैठे रहना है (जिसे जलसे कि हालत मे कहते है)
  • और आपको फिर अत्तहियात पढ़ना है लेकिन आपको एक चीज ध्यान रखनी है जब अत्तहियात पढ़ेंगे तो उसमे जब ये कहेंगे “अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लल्लाहु” तब आपको अपने सीधे हाथ कि पहली उंगली को उठाना है, 
  • अत्तहियात पढ़ने के बाद आपको दुरूद शरीफ (इसे दुरूद इब्राहिमी भी कहते है) पढ़नी जो 
  • दुरूद शरीफ पढ़ने के बाद आपको दुआ-ए-मसूरा पढ़ना है 
  • ये पढ़ लेने के बाद आपको सलाम फेर देना है
  • इमाम साहब कहेंगे अस्सलमों अलैकम वरहमातुलह तो आप पहला सलाम फेरेंगे और दाए काँदे (Right Shoulder) पर देखते हुए कहेंगे अस्सलमों अलैकम वरहमातुलह
  • फिर दूसरा सलाम फेरेंगे तो आप आपने बाए काँदे (Left Shoulder) पर देखते हुए कहेंगे अस्सलमों अलैकम वरहमातुलह।
  • ये हो गई आपकी 2 रकात तरावी की नमाज़ पूरी हुई फिर इसके बाद इमाम साहब फिरसे 2 रकात नमाज़ के लिए खड़े होंगे तो आपको भी फिरसे इसी तरह नमाज़ पढ़नी है, 
  • और जब 4 रकात नमाज़ हो जाएगी तो इमाम साहब थोड़ा बैठेंगे तब आपको तरावी की दुआ पढ़नी है (लिंक पर क्लिक करके दुआ को याद करें)
  • फिर इसके बाद इमाम साहब बाकी रकात इसी तरह पढ़ाएंगे और आप हर 4 रकात होने के बाद तरावी की दुआ पड़ेंगे
  • फिर जब तरावीह की 20 रकात पूरी हो जाएगी तो फिर इसके बाद ईशा की 3 रकात वित्र नमाज़ पढ़ाई जाएगी (Note: रमजान मे ईशा की वित्र नमाज़ तरावी की नमाज़ के बाद जमात के अदा की जाती है) 
  • फिर इसके बाद आप 2 रकात नाफिल नमाज पड़ेंगे और इस तरह आपकी नमाज़ पूरी हुई।

तरवीह की नमाज से जुड़ी हदीस

अबू हुरैरा (रदीअल्लाहु अन्ह) से रिवायत है की रसूल अल्लाह (ﷺ) रमजान के महीने मे
लोगों को तरावी की नमाज़ के लिए राहगिब करते थे, लेकिन उन्होंने इस नमाज़ को फर्ज या वाजिब नहीं किया था लेकिन इसकी ऐमियात पर जोर दिया, उन्होंने कहा की जो शकस रमजान के महीने में रात मे तरावी की नमाज़ पड़ता है, ईमान के साथ और अल्लाह की इनाम की उम्मीद के साथ तो उसके पिछले गुनाह माफ कर दिए जाएंगे।

Reference : Riyad as-Salihin 1188
In-book reference : Book 8, Hadith 198

यह भी पड़ें –

Conclusion

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की अब आपको Taraweeh Ki Namaz ka Tarika (तरावीह की नमाज का तरीका) और और इसकी तरावीह की दुआ के बारे मे मालूम हो गया होगा अगर आपको कुछ पूछना है, 

तो हमे कमेन्ट करके या फिर हमारे सोशल मीडिया अकाउंट मे मैसेज करके पूछ सकते है, और इस पोस्ट को जरूर शेयर करे इससे हमे बहुत खुशी होगी, और हमारी वेबसाईट Deengyaan.in पर आते रहे, 

इंशा अल्लाह इसी तरह की इनफार्मेशन मै आप तक पहुचता रहूँगा, अल्लाह हमारे और आपके गुनाहों को माफ फरमाए और हमे इस्लाम कि हर चोटी से बड़ी छीजे सीखने की हिदायत फरमाए, अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू। 

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FAQ’s (तरावीह की नमाज के सवाल जवाब)

Q. Taraweeh Ki Namaz Sunnat Ya Nafil?

Ans – तरावी की नमाज़ सुन्नत ए मुअक्कदा, है।

Q. Taraweeh Ki Niyat Kaise Bandhe? | Taraweeh Ki Niyat In Hindi?

Ans – तरावी की नियत इस तरह करेंगे “नियत की मैंने 2 रकात नमाज़ तरावीह सुन्नत ए मुअक्कदा वास्ते अल्लाह ताअला के पीछे इस इमाम के मुँह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।” ये कहते हुए अपने हाथों को कानों तक उठा कर बाढ़ लीजिए।

Q. Taraweeh Ki Namaz Kya Hai?

Ans – तो आपको बता दूँ की ये नमाज़ रमजान मे ईशा की नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली नमाज़ है जिसमे कुरान के 1 पारा से लेके 30 पारा तक पढ़ा जाता है और ये नमाज़ सुन्नत ए मुअक्कदा है,

Q. Taraweeh Ki Dua In Urdu?

Ans – “सुब्हा-न ज़िल मुल्कि वल म-ल कूत , सुब्हा-न ज़िल इज्जती वल अ-ज़-मति वल-हैबति वल क़ुदरति वल-किब्रियाइ वल-ज-ब-रुत , सुब्हा-नल मलिकिल हैय्यिल्लज़ी ला यनामु व ला यमूत , सुब्बुहुन कुद्दूसुन रब्बुना व रब्बुल मलाइकति वर्रूह , अल्लाहुम्मा अजिरना मिनन्नारि , या मुजीरु या मुजीरु या मुजीर”

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Deengyaan.in में आपका खुशामदीद है, मेरा नाम है Anwaar Aslam और मै इस ब्लॉग का Founder और Writer हूँ। पिछले 3 वर्षों से मैं इस वेबसाइट के जरिए इस्लामी जानकारी Share कर रहा हूं। मेरा मकसद है सरल और आसान तरीके से इस्लाम की Knowledge को सब तक पहुंचाना है।

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