Witr Ki Namaz Ka Tarika | वित्र की नमाज का तरीका

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अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू: दोस्तों हम इस पोस्ट में पड़ने वाले है वित्र की नमाज का तरीका (Witr Ki Namaz Ka Tarika) के बारे मे, जैसे की मुझे पता है, आप लोग ज्यादातर गूगल पे इस तरह सर्च करते है –

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तो मैं आज आपके लिए इसकी पूरी जानकारी लाया हूँ, और अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जिससे अगर आपके दोस्त को भी Witr Ki Namaz Ka Tarika के बारे मे नहीं पता तो,

उसे भी इसका इल्म होगा इससे आपको भी सवाब मिलेगा और साथ हि मुझे भी। और अगर आपको हमारा काम अच्छा लगता है तो हमें Subscribe भी जरूर कर लेँ जिससे आपको Notification मिलती रहें…

Witr Ki Namaz Ka Tarika | वित्र की नमाज का तरीका

NOTE: दोस्तों सबसे पहले जान लीजिए के इस्लाम मे हर मुस्लिम बालिग पर 5 वक्त कि नमाज़ फर्ज है जिनके नाम ये है –

No.नमाज़ का नामलिंक 
1Fajar Ki Namaz (फजर की नमाज)पूरा पड़ें
2Johar Ki Namaz (ज़ोहर की नमाज़)पूरा पड़ें
3Asar Ki Namaz (असर की नमाज)पूरा पड़ें
4Magrib Ki Namaz (मगरीब की नमाज़)पूरा पड़ें
5Isha ki namaz (ईशा की नमाज़)पूरा पड़ें
Witr Ki Namaz Ka Tarika | वित्र की नमाज का तरीका

वित्र की नमाज कितने रकात है | Witr Ki Namaz Ki Rakat

नमाज का नामकुल रकात
Witr Ki Namaz (वित्र की नमाज़)कुल रकात 3 होती है, और ये नमाज वाजिब होती है।
Witr Ki Namaz Ka Tarika | वित्र की नमाज का तरीका

वित्र की नमाज के बारे मे | Witr Ki Namaz Ka Tarika

दोस्तों आपको बता दूँ कि ईशा कि 3 रकात वित्र नमाज पढ़ना हम पर वाजिब है, जिसका मतलब जरूरी है, अगर आप ईशा की नमाज पढ़ रहे है तो आपको फिर वित्र की नमाज पढ़ना जरूरी होगा, ये नमाज ईशा की नमाज मे पढ़ी जाती है,

और जब रमजान मुबारक का महीना आता है तब ये नमाज तरावी कि नमाज के बाद इमाम साहब पढ़ाते है बाकी आम दिनों मे ये नमाज को हम खुद से पढ़ते है।

वित्र कि नमाज 3 रकात की होती है और ये वाजिब नमाज़ है ये रात मे ईशा के वक्त पढ़ी जाती है।

Namaz Ka Tarika In Hindi
-5 Waqt Namaz Ka Tarika In Hindi-

वित्र की नमाज मे पढ़ी जाने वाली दुआ का नाम | Witr Ki Dua क्या है?

दोस्तों वित्र की नमाज मे पढ़ी जाने वाली दुआ (Witr Ki Dua) का नाम है दुआ ए कुनूत ये तीसरी रकात मे पढ़ी जाती है मैंने इस पर अलग से पोस्ट बनाया है ऊपर लिंक मे क्लिक करके आप इसे जरूर पढ़ें इससे आपको इसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी।

वित्र की नमाज़ की नियत कैसे करें | Witr Ki Namaz Ki Niyat

दोस्तों जैसा कि मैंने आपको इससे पहले भी बताया है कि नियत को आप इरादा भी केह सकते है जैसे कि आप किसी चीज को करने का इरादा करते है, बस इसी तरह नमाज़ से पहले हमको नियत करनी होती है चलिए जानते है अब वित्र की नमाज का तरीका और इसकी नियत के बारे मे,

लेकिन दोस्तों एक जरूरी बात जान लीजिए नियत को जुबान से बोलना जरूरी नहीं है, आप अपने मन मे इरादा करेंगे उससे आपकी नमाज़ हो जाएगी, यही है नमाज कि नियत।

दोस्तों वित्र की नमाज की नियत आप इस तरह कर सकते है नियत कि मैंने 3 रकात वित्र नमाज ईशा वास्ते अल्लाह-त-आला के रुख मेरा काबा शरीफ कि तरफ अल्लाहु अकबर। (अपने मन मे कह लेने से आपकी नियत हो जाएगी)

Witr Ki Namaz Ka Tarika | वित्र की नमाज का तरीका
– Witr Ki Namaz Ka Tarika | वित्र की नमाज का तरीका –

वित्र की नमाज का तरीका | Witr Ki Namaz Ka Tarika

दोस्तों वित्र की नमाज के लिए आपको पहले नियत करना है फिर जैसे आप दूसरी नमाज के लिए खड़े होते है उसी तरह आपको इसके लिए भी खड़े होना है और आपका मुह काबे कि तरह होना चाहिए फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए दोनों हाथों को कानों तक उठा कर बांध लीजिए,

फिर आप सना पढ़ेंगे जो इस तरह है

सना हिन्दी मे | ईशा की नमाज का तरीका

“सुबहान कल-ला हुम्मा व बि हमदिका व-त बारकस्मुका व-त आला जददुका वला इलाहा गैरुक”।

ये पढ़ने के बाद आप अऊज़ुबिल्लाही मिनाश सैतानिर्रजिम बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ेंगे फिर आप सूरह फातिहा पढ़ेंगे जो कि इस तरह है –(सूरह फातिहा का हिन्दी तर्जुमा और फजीलत जानने के लिए क्लिक करें )

  • आल्हामदुलीलही रब्बिल आलमीन
  • अर रहमा निर रहीम
  • मलिकि यौमिद्दीन
  • इययाक न अबुदु व इय्याका नस्तईन
  • इहदिनस सिरआतल मुस्तकीम
  • सिरताल लजीना अन अमता अलय हिम
  • गैरिल मॅगडूबी अलय हिम व लद दालीन। (आमीन)

दोस्तों जब आप सूरह फातिहा पढ़ ले तो फिर आप इसके बाद कुरान कि कोई सूरह या आयत पढ़ें जो भी आपको याद हो चोटी या बढ़ी जैसे कि मान लिजीए आपको सूरह माऊन या सूरह नास याद है तो आप इनमे से कोई पढ़ेंगे

(अगर आपको कोई भी सूरह नहीं याद है तो ये पोस्ट पड़ें Charo Qul In Hindi इससे आपको चार सूरह कि जानकारी हो जाएगी जिसे चारों कुल कहते है) आपको समझाने के लिए एक सूरह बता रहा हूँ जो इस तरह है

सूरह नास | Surah Naas

  1. क़ुल अऊज़ु बिरब्बिन-नास
  2. मलिकिन-नास
  3. इलाहिन-नास
  4. मिन शररिल वसवासिल ख़न्नास-
  5. अल्लज़ी युवास्विसु फ़ी सुदूरिन्नास
  6. मिनल-जिन्नति वन्नास

सूरह को पढ़ने के बाद आपको रुकु मे जाना है और आप रुकु इस तरह करेंगे जैसा मैं बता रहा हूँ, रुकु मे जाने के लिए आप अपने शरीर को आधा झुका लीजिए इस तरह कि आपकी पीठ सीधी हो इतनी कि अगर आपके पीठ पर एक ग्लास पानी रख दिया जाए तो वो गिरे नहीं,

फिर रुकु मे जाने के बाद आपको रुकु कि तसबिहात पढ़नी है जो इस तरह है – “सुबहाना रब्बिल रब्बीयल अज़ीम” आपको इसको 3 बार या फिर इससे ज्यादा भी आप पढ़ सकते है फिर ये पढ़ने के बाद आप समी अल्लाहु लिमन हमीदह (अगर आप इमाम के पीछे नमाज़ पढ़ रहें है तब आपको रुकु से खड़े होने के बाद ये कहना होगा- “रब्बाना वा लकल-हम्द”) कहते हुए आप एकदम सीधे खड़े हो जाएंगे,

सीधे खड़े होने के बाद आपको सीधे सजदे में जाना है, दोस्तों फिर सजदा आपको इस तरह करना है कि, सजदे पर जाते वक्त आपका घुटना जमीन पर लगेगा फिर आप अपने हाथ जमीन पर रखिए और फिर आपकी नाक जमीन पर रखेगी और फिर आपका माथा लगेगा,

ऐसे आपको सजदा करना है और आपको फिर सजदे मे ये तसबीह पढ़नी है – “सुबहाना रब्बिल अला” आपको इसको 3 बार या फिर इससे ज्यादा भी आप पढ़ सकते है,

(NOTE: दोस्तों आप सजदे मे अल्लाह से दुआ भी मांग सकते है क्यूकि सजदे के वक्त आप अल्लाह से सबसे ज्यादा करीब होते है बैरहाल कई लोगों को ये नहीं पता कि पूरी नमाज़ हि अल्लाह से बात करने का जरिया है)

Namaz Ka Tarika In Hindi
– Namaz Ka Tarika In Hindi –

दोस्तों आपको कुल 2 सजदे करने है (एक सजदा करने के बाद बैठने को जलसा भी कहते है और इस दरमियान जो वक्त रहता है उसमे आप यह भी पढ़ सकते है लेकिन अगर आप नहीं पढ़ते तो भी आपकी नमाज़ हो जाएगी – “अल्लाउम्मगफिर्ली, व अरहमनी, व आफिनी, व अहदीनी, व अर्ज़ुकनी” हुज़ूर सलल्लाहो अलैहि वसल्लम सजदे के दरमियान मे ये दुआ पढ़ते थे और ऐसी कई दुआ हुज़ूर से साबित है – Reference: Sunan Ibn Majah 898)

दोनों सजदे करने के बाद आपको फिर दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाना है और फिर उसी तरह जिस तरह पहली रकात पढ़ी बिल्कुल उसी तरह दूसरी भी पढ़नी है बस इसमे आपको सजदे करने के बाद खड़े नहीं होना है और बैठे रहना है (जिसे जलसे कि हालत मे कहते है) और

आपको फिर अत्तहियात पढ़ना है (नीचे लिखा हुआ है) लेकिन आपको एक चीज ध्यान रखनी है जब अत्तहियात पढ़ेंगे तो उसमे जब ये कहेंगे “अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लल्लाहु” तब आपको अपने सीधे हाथ कि पहली उंगली को उठाना है, 

  • अत् तहिय्यातू लिल्लाही वस्सल वातू वत्तह्यीबातु
  • अस्सलामु अलैका या अय्यूहनबी वरहेमतुल्लाही वबरकातूहू
  • अस्सलामू अलैना वला इबादीस्साॅलेहीन
  • अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्न मुहम्मदून अब्दुहू व रसूलूहू
  • अत्तहियात में जब ‘अशहदु अल्लाह इलाहा’ आयेगा तब आप अपनी शहादत की उंगली को उठा कर के छोड़ दें।
  • अत्तहियात के बाद आप दरूद शरीफ पढ़े, दरूद शरीफ पढ़ना जरूरी है।

ये पढ़ने के बाद आप खड़े हो जाएंगे फिर आप उसी तरह नमाज़ पढ़ेंगे जिस तरह पहली रकात पढ़ी,

लेकिन जब आप सूरह पूरी पढ़ लेंगे तो आपको रुकु मे नहीं जाना है आप फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए दोनों हाथों को कानों तक उठा कर फिर नियत बांध लेंगे और फिर Witr Ki Dua – दुआ ए कुनूत पड़ेंगे,

दुआ ए कुनूत पढ़ने के बाद आपको रुकु मे जाना है और फिर उसी तरह रुकु और सिजदा करना है जिस तरह इससे पहले किया फिर,

अत्तहियात पढ़ना है और फिर दरूद शरीफ पढ़नी है

दुरूद शरीफ (इसको दुरूद इब्राहिमी भी कहते है) पढ़नी जो इस तरह है –

  • अल्लाहुम्मा सल्ले अला
  • मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिन
  • कमा सललेँता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद।
  • अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिन
  • कमा बारकता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद।

दुरूद शरीफ पढ़ने के बाद आपको दुआ-ए-मसूरा (Dua E Masura In Hindi) पढ़ना है जो इस तरह है –

  • अल्लाहुम्मा इन्नी ज़लमतू नफ़्सी ज़ुलमन कसीरा,
  • वला यग़फिरुज़-ज़ुनूबा इल्ला अनता,
  • फग़फिरली मग़ फि-र-तम मिन इनदिका, वर हमनी इन्नका अनतल गफूरूर्र रहीम।

ये पढ़ लेने के बाद आपको सलाम फेर देना है जो आप इस तरह करेंगे –

पहला सलाम फेरेंगे तो आप आपने दाए काँदे (Right Shoulder) पर देखते हुए कहेंगे अस्सलमों अलैकम वरहमातुलह, फिर दूसरा सलाम फेरेंगे तो आप आपने बाए काँदे (Left Shoulder) पर देखते हुए कहेंगे अस्सलमों अलैकम वरहमातुलह।

दोस्तों ये आपकी 3 रकात वित्र की नमाज पूरी हो गई।

यह भी पड़ें –

Conclusion

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की अब आपको Witr Ki Namaz Ka Tarika (वित्र की नमाज का तरीका) और वित्र की नमाज का तरीका के बारे मे सारी जानकारी मिल गई होगी अगर आपको कुछ पूछना है तो हमे कमेन्ट करके या फिर हमारे सोशल मीडिया अकाउंट मे मैसेज करके पूछ सकते है, और इस पोस्ट को जरूर शेयर करे इससे हमे बहुत खुशी होगी,

और हमारी वेबसाईट Deengyaan.in पर आते रहे, इंशा अल्लाह इसी तरह की इनफार्मेशन मै आप तक पहुचता रहूँगा, अल्लाह हमारे और आपके गुनाहों को माफ फरमाए और हमे इस्लाम कि हर चोटी से बड़ी छीजे सीखने की हिदायत फरमाए, अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातहू। FACEBOOKTWITTERINSTAGRAM

FAQ’s (सवाल जवाब)

Q. वित्र की नियत कैसे बनते हैं?

Ans. नियत कि मैंने 3 रकात वित्र नमाज ईशा वास्ते अल्लाह-त-आला के रुख मेरा काबा शरीफ कि तरफ अल्लाहु अकबर।

Q. Witr Ki Dua | वित्र कि दुआ का नाम क्या है?

Ans. Witr Ki Dua का नाम दुआ ए कुनूत (Dua E Qunoot ) है।

Q. वित्र की नमाज का वक्त कब तक रहता है?

Ans. दोस्तों वित्र कि नमाज आप फजर कि नमाज के पहले तक आप पढ़ सकते है।

वित्र की नमाज में कौन सी दुआ पढ़ी जाती है?

Ans. दोस्तों वित्र की नमाज़ मे दुआ ए कुनूत पड़ी जाती है।

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Deengyaan.in में आपका खुशामदीद है, मेरा नाम है Anwaar Aslam और मै इस ब्लॉग का Founder और Writer हूँ। पिछले 3 वर्षों से मैं इस वेबसाइट के जरिए इस्लामी जानकारी Share कर रहा हूं। मेरा मकसद है सरल और आसान तरीके से इस्लाम की Knowledge को सब तक पहुंचाना है।

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